Constitution of India | भारत का संविधान: एक परिचय

भारत का संविधान (The constitution of India)भारतीय संविधान/ भारतीय राजव्यवस्था (Indian Constitution)

➧भारत का संविधानः एक परिचय-

Constitution of India | भारत का संविधान: एक परिचय

संविधान की परिभाषा-
➧संविधान शब्द अंग्रेजी भाषा के काॅन्स्टीट्यूशन (Constitution) शब्द का हिन्दी रूपान्तरण है। काॅन्स्टीट्यूशन (Constitution) शब्द की उत्तप्ती लेटीन या ग्रीक भाषा के काॅन्स्टीट्यूरे (Constiture) शब्द से हुई है। काॅन्स्टीट्यूरे (Constiture) शब्द का Economy  करना या प्रबन्ध करना या बनावट है।
➧संविधान एक प्रकार का Written or unwritten कानूनी दस्तावेज होता है जिसके द्वारा किसी भी देश की शासन व्यवस्था चलाई जाती है। उसे संविधान कहते है। अर्थात् नियमों के समुह ही संविधान कहलाता है।

अमेरिका-
➧विश्व में (Modern Era में) सर्वप्रथम लिखित संविधान बनाने वाला देश अमेरिका है। तथा वर्तमान में विश्व में सबसे छोटा लिखित संविधान भी अमेरिका का ही है। जो केवल 7 अनुच्छेद का है।
➧विशेष- अमेरिका के झण्डे में 50 स्टार का अर्थ 50 राज्यों से है। तथा अमेरिकन डाॅलर पर जार्ज विलियम फ्रेंकलिन की फोटो आती है।

टाॅमस जैफरसन या थाॅमस जेफरसन-
➧टाॅमस जैफरसन या थाॅमस जेफरसन अमेरिकी नागरिक है। जिन्होने फिलोडेल्फिया सम्मेलन के बाद सन् 1787 में अमेरिका का संविधान बनाया था अतः सन् 1788 को अमेरिका के प्रथम राष्ट्रपती जार्ज Washington के हस्ताक्षर करवाकर अमेरिका में लागू कर दिया था।

फिलोडेल्फिया सम्मेलन-
➧फिलोडेल्फिया सम्मेलन सन् 1787 में आयोजीत किया गया था।

ब्रिटेन-
➧ब्रिटेन को संविधान की Janani भी कहते है। क्योकी विश्व में सर्वप्रथम संविधान बनाने का विचार ब्रिटेन ने ही दिया था ब्रिटेन का संविधान अलिखित है। अर्थात् ब्रिटेन का संविधान मौखिक है।

जापान-
Continent of Asia में सर्वप्रथम लिखित संविधान बनाने वाला देश जापान है।

भारत-
➧Present में विश्व में सबसे बड़ा लिखित संविधान Bharat का संविधान है।



भारतीय संविधान का विकास-

क्रिप्स मिशन या क्रिप्स प्रस्ताव-
➧22 मार्च 1942 को ब्रिटिश सरकार का प्रस्ताव लेकर अंग्रेजी अधिकारी स्टेफोर्ड क्रिप्स भारत (दिल्ली) आता है जिसे क्रिप्स प्रस्ताव या क्रिप्स मिशन कहा गया था।
➧क्रिप्स प्रस्ताव में भारत को स्वतंत्र करने की घोषणा, नया पाकिस्तान बनाने की घोषणा तथा एक संविधान सभा बनाने की बात कही गई थी लेकीन क्रिप्स मिशन या क्रिप्स प्रस्ताव को 11 अप्रेल 1942 को अस्विकार कर दिया गया था।

Mahatma Gandhi-
➧Mahatma Gandhi  ने Cripps Mission या क्रिप्स प्रस्ताव को बिना ब्रेक वाला इंजन कहा था।
➧Mahatma Gandhi 1  ने क्रिप्स मिशन या क्रिप्स प्रस्ताव को उत्तर तिथी (बाद का) चैक (Post Dated Cheque) की उपाधी दी थी।

Pandit Jawahar lal Nehru-
➧Pandit Jawaharlal Nehru  ने Cripps Mission या क्रिप्स प्रस्ताव को दिवालीया हो चुका बैंक कहा था।
➧Pandit Jawaharlal Nehru ने क्रिप्स मिशन या क्रिप्स प्रस्ताव को शैतान का वकील (Lawyer of The Devils) की उपाधी दी थी।

कैबिनेट मिशन-
➧24 मार्च 1946 को भारतीयों को सत्ता सौंपने के उद्देश्य से तीन अंग्रेजी सदस्य दल भारत (दिल्ली) आता है। जैसे-
(1) पैट्रिक लाॅरेंस या पैथिक लाॅरेंस (अध्यक्ष)
(2) A.B. अलेक्जेंडर
(3) स्टेफोर्ड क्रिप्स
➧कैबिनेट मिशन का अध्यक्ष अंग्रेजी अधिकारी Patrick Lawrence or Pethick Lawrence  था।

केबिनेट मिशन का भारत आने के उद्देश्य-
1. भारतीयों को सत्ता सौंपना।
2. संविधान का निर्माण करना।
3. एक अन्तरिम (Temporary government) सरकार का गठन करना।

अन्तरिम सरकार-
➧कैबिनेट मिशन के सुझाव पर 2 सितम्बर 1946 को पण्डित जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में एक 14 सदस्यों वाली अन्तरिम सरकार का गठन किया गया जिसमें निम्नलिखित मंत्री बनाये गये थे।

अन्तरिम सरकार (अस्थाई सरकार) के प्रमुख मंत्री पद-
1. First Prime Minister of India- Pandit Jawaharlal Nehru
2. India's first foreign minister - Pandit Jawaharlal Nehru
3. India's first Deputy Prime Minister - Sardar Vallabhbhai Patel
4. India's 1st  Home Minister - Sardar Vallabhbhai Patel
5. India's first Minister of Agriculture and Food - Dr. Rajendra Prasad
6. First Education Minister of India- Chakravarti Rajagopalachari (C. Rajagopalachari)
7. First Defense Minister of India- Sardar Baldev Singh
8. India's first Finance Minister- Sir Ramasamy Chetty Kandasamy Shanmukham Chetty (R.K. Shanmukham Chetty)
9. India's first Energy Minister - V.N. Gadville (N.V. Gadville)
10. First Law Minister of India- Jogendranath Mandal

लार्ड माउंटबेटन योजना-
➧ब्रिटेन के प्रधानमंत्री क्लीमेंट एटली ने यह घोषणा की थी की जून 1948 से पहले भारत और पाकिस्तान को सत्ता सौंप दी जायेगी। और इसी घोषणा को पुरा करने के लिए अर्थात् सत्ता सौंपने के उद्देश्य से 3 जून 1947 को भारत का अंतिम ब्रिटिश गवर्नर जनरल बनाकर लार्ड लुई माउंट बेटन को भेजा था या भारत आया था।

➧लार्ड माउंट बेटन के द्वारा काफि अध्ययन करने के बाद 15 अगस्त 1947 (14 अगस्त 1947 की आधी रात) को लार्ड माउंट बेटन ने भारत और पाकिस्तान का विभाजन कर दिया।

➧लार्ड माउंट बेटन के द्वारा 15 अगस्त 1947 (14 अगस्त 1947 की आधी रात) को भारत और पाकिस्तान का विभाजन करने के बाद स्वतंत्र भारत का पहला प्रधानम्ंत्री Pandit Jawaharlal Nehru  को बनाया गया था तथा Pakistan  का प्रथम Prime minister  लियाकत अली खान (लियाकत अली चौधरी) को बनाया गया था।

➧Lord Mountbatten  के द्वारा स्वतंत्र भारत का पहला तथा अंतिम गवर्नर जनरल चकृवर्ती राजगोपालाचारी (C. Rajagopalachari) को बनाया गया था या नियुक्त किया गया था। जबकी पाकिस्तान का प्रथम गवर्नर जनरल मोहम्मद अली जीना (मोहम्मद अली जिन्ना) को बनाया गया था।


संविधान सभा-
➧कैबिनेट मिशन के अनुसार संविधान सभा में कुल 389 सदस्यों का चयन किया गया था जिनमें से 292 सदस्य ब्रिटिश प्रान्तों से, 93 सदस्य देसी रियासतों से तथा 4 सदस्य केन्द्रशासित प्रदेश (चिफ कमिश्नर क्षेत्रों) से थे।
➧Bharat  में Hyderabad एक मात्र ऐसी रियासत थी जिससे कोई भी सदस्य Constituent Assembly  में नहीं था।
➧4 केन्द्र शासित प्रदेश निम्नलिखित है जो संविधान सभा में सामिल थे। जैसे-
1. अजमेर
2. बलुचिस्तान
3. क्रुर्ग (कर्नाटक)
4. दिल्ली


➧संविधान सभा की प्रमुख बैठक-


संविधान सभा की प्रथम बैठक-
➧संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसम्बर 1946 को Delhi  में आयोजित की गई थी।
➧संविधान सभी की प्रथम बैठक में आचार्य J.B. कृपालानी (Acharya Jeevataram Bhagwandas Kripalani) के कहने पर संविधान सभा का प्रथम अस्थाई अध्यक्ष Dr. Sachchidanand Sinha  को बनाया गया था।
➧Dr. Sachchidanand Sinha  को संविधान सभा का प्रथम अस्थाई अध्यक्ष सिनियर्टी के आधार पर बनाया गया था।
➧संविधान सभा में Dr. Sachchidanand Sinha  का चयन बिहार से हुआ था अर्थात् संविधान सभा में Dr. Sachchidanand Sinha  बिहार से निर्वाचित होकर आये थे।

संविधान सभा की दूसरी बैठक-
➧संविधान सभा की 2nd  बैठक 11 दिसम्बर 1946 को आयोजित की गई थी।
➧संविधान सभा की 2nd  बैठक में संविधान सभा का प्रथम स्थाई अध्यक्ष (सभापती) डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद को बनाया गया था।
➧H.C. Mukherjee - संविधान सभा की दूसरी बैठक में संविधान सभा का उपाध्यक्ष (उप-सभापती) एच.सी. मुखर्जी को बनाया गया था।
➧BN Rao- संविधान सभा की दूसरी बैठक में संविधान सभा का संवैधानिक सलाहकार बी.एन. राव (बेनगुल नरसिम्हा राव) को बनाया गया था।
➧KM Munshi - संविधान सभा की दूसरी बैठक में के.एम. मुंशी (Kanhaiyalal Maniklal Munshi) को सचिव नियुक्त किया गया था या सचिव बनाया गया था।

संविधान सभा की 3rd  बैठक-
➧संविधान सभा की 3rd बैठक 13 दिसम्बर 1946 को आयोजित की गई थी।
➧संविधान सभा की 3rd  बैठक में पण्डित जवाहर लाल नेहरू के द्वारा उद्देश्य प्रस्ताव (Objective Priciple) प्रस्तुत किया गया था।
➧संविधान सभा की 3rd  बैठक में संविधान सभा के द्वारा 22 जनवरी 1947 को उद्देश्य प्रस्ताव को पारित कर दिया गया था
➧संविधान सभा की 3rd  बैठक में पारित किये गये उद्देश्य प्रस्ताव के लिए निम्नलिखित समितियों क गठन किया गया था। जैसे-
1. संचालन समिति
2. मौलिक अधिकार समिति
3. प्रान्तीय संविधान संमिति
4. झण्डा समिति
5. संघ समिति
6. प्रारूप समिति

1. संचालन समिति-
➧संचालन समिति का अध्यक्ष डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद को बनाया गया था।

2. मौलिक अधिकार समिति-
➧Molik  अधिकार समिति का अध्यक्ष Sardar Vallabh Bhai Patel  को बनाया गया था।

3. प्रान्तीय समिति-
➧प्रान्तीय Samiti  का अध्यक्ष Sardar Vallabh Bhai Patel  को बनाया गया था।

4. झण्डा समिति-
➧झण्डा समिति का अध्यक्ष आचार्य J.B. कृपालानी (Acharya Jeevataram Bhagwandas Kripalani) को बनाया गया था।

5. संघ समिति-
➧संघ Samiti  का अध्यक्ष Pandit Jawaharlal Nehru  को बनाया गया था।

6. प्रारूप समिति (Drafting Committee)-
➧प्रारूप समिति का अध्यक्ष Dr. Bhimrao Ambedkar  को बनाया गया था।
➧भारतीय Sambidhan  सभा में सर्वप्रथम संविधान का प्रारूप (प्रथम प्रारूप) बी.एन. राव (Ben Gul Narasimha Rao) ने ही बनाया था या प्रस्तुत किया था।
➧BN Rawo  (Ben Gul Narasimha Rao) के निर्देशन में 29 अगस्त 1947 को प्रारूप समिति का गठन किया गया था।
➧Bengul Rao  द्वारा बनायी गई प्रारूप समिति में कुल 7 सदस्य थे।
➧प्रारूप समिति के सदस्य Dr. D.P. Khaitan  की आकस्मिक मृत्यु होने के बाद Dr. D.P. Khaitan  की जगह पर प्रारूप समिति का सदस्य टी.टी. कृष्णामाचारी या टी.टी. कृष्णमचारी (Tiruvellore Thattai Krishnamachari) को बनाया गया था।

संविधान सभा की 4th  बैठक-
➧संविधान सभा की 4th बैठक 22 जुलाई 1947 को आयोजित की गई थी।
➧संविधान सभा की 4th  बैठक में DR. Rajendra Prashad  की अध्यक्षता में 22 जुलाई 1947 को भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा स्वीकार किया गया था।

Sambhidhan सभा की ग्यारवी बैठक-
➧Sambhidhan सभा की ग्यारवी बैठक 24 जनवरी 1950 को आयोजित की गई थी।
➧Sambhidhan सभा की ग्यारवी बैठक में संविधान सभा द्वारा भारत का प्रथम राष्ट्रपति डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद को बनाया गया था।
➧Sambhidhan सभा की ग्यारवी बैठक में भारत का राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम को स्वीकार किया गया था।
➧Sambhidhan सभा की ग्यारवी बैठक में 9 दिसम्बर 1946 से 24 जनवरी 1950 तक का समय लगा था। और इसी समय के दौरान कुल 165 दिनों में संविधान बनाने की कार्यवाही हुई थी।

Sambhidhan सभा की बारहवीं बैठक-
➧Sambhidhan सभा की बारहवीं बैठक संविधान सभा की अंतिम बैठक मानी जाती है।
➧Sambhidhan सभा की बारहवीं बैठक 26 जनवरी 1950 को आयोजित की गई थी।
➧Sambhidhan सभा की बारहवीं बैठक में 26 जनवरी 1950 को जम्मू कश्मीर राज्य को छोड़कर सम्पूर्ण भारत में भारत का संविधान लागू कर दिया गया था।
➧26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू होने के साथ ही संविधान में कुल 395 अनुच्छेद, 22 भाग तथा 8 अनुसूचीया सामिल थी।


Sambidhan लागू करने के लिए Sambidhan  सभा द्वारा 26 जनवरी को चूने जाने का महत्त्वपूर्ण कारण-
➧26 जनवरी 1930 को लाहौर में रावी नदी के किनारे पण्डीत जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में कांग्रेस पार्टी ने पहली बार स्वतंत्रता दिवस या स्वाधीनता दिवस मनाया गया था इसीलिए भारत का Sambidhan  लागू करने के लिए 26 जनवरी की तारीख को चूना गया था।

26 नवम्बर 1949-
➧26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान बनकर तैयार हो गया था अर्थात् 26 नवम्बर 1949 को भारत का संविधान अंगीकृत (Adopted), आत्मसमर्पित (Surrendered), अधिनियमित (Enacted) कर दिया गया था।
➧26 नवम्बर 1949 को संविधान पर कुल 284 सदस्यों ने हस्ताक्षर किये थे।
➧26 नवम्बर 1949 को भारत का संविधान आंशिक रूप से लागू किया गया था क्योकी 26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान के केवल 15 अनुच्छेद ही लागू किये गये थे।
➧26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान लागू होने के कारण ही भारत में 26 नवम्बर को कानून या विधि दिवस (संविधान दिवस) घोषित किया गया था।
➧भारत में पहली बार संविधान (कानून या विधि दिवस) दिवस 26 नवम्बर 2015 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा मनाया गया था।

26 जनवरी-
➧Bharat  में 26 January, Republic Day  के रूप में मनाया जाता है।
➧Bharat  एक Republic  देश है क्योकी भारत का मुखिया (राष्ट्रपति) वंशानुगत न होकर निर्वाचित होता है।
➧भारतीय Sambidhan में गणतंत्र शब्द फ्रांस से लिया गया है।

➧वर्तमान (2019) में भारतीय संविधान में गणना या संख्या की दृष्टि से 450 अनुच्छेद (456 अनुच्छेद), 26 भाग तथा 12 अनुसूचिया है।
➧भारतीय संविधान सभा में कुल 15 महिलाएं थी जिनकी अध्यक्षा श्रीमती हंसा मेहता थी इन 15 महिलाओं में से 8 महिलाओं ने ही संविधान पर हस्ताक्षर किये थे।

अनुच्छेद 370 (धारा 370)-
➧भारतीय संविधान के भाग 21 तथा अनुच्छेद 370 के अनुसार जम्मू कश्मीर राज्य को एक विशेष राज्य का दर्जा दिया गया है।
➧अनुच्छेद 370 या धारा 370 के अनुसार जम्मू कश्मीर भारत का एकमात्र ऐसा राज्य है जिसका स्वयं का अलग से संविधान है।
➧अनुच्छेद 370 या धारा 370 के अनुसार 26 नवम्बर 1957 को जम्मू कश्मीर राज्य ने खुद का संविधान लागू किया था।

सदर ए रियासत-
➧Jammu Kashmir  राज्य के मुखिया या राज्यपाल को सदर ए रियासत कहते है।
➧जम्मू कश्मीर राज्य का प्रथम सदर ए रियासत सन् 1951 में डाॅ. करण सिंह को बनाया गया था।

महाराजा हरिसिंह-
➧महाराजा हरिसिंह ने 26 अक्टूबर 1947 को जम्मू कश्मीर राज्य की तरफ से भारतीय विलय पत्र पर हस्ताक्षर किये थे।

भारत का संविधान-
➧भारतीय संविधान को बनाने में कुल 2 वर्ष, 11 माह तथा 17 दिन ता समय लगा था।
➧Sambidhan  के प्रारूप पर कुल 114 दिनों की बहस हुई थी।
➧भारतीय संविधान को बनाने में कुल 6396729 रुपयें (लगभग 64 लाख रुपये) लगे थे।

संविधान का वाचन-
➧भारतीय Sambidhan  का Sambidhan  सभा के समक्ष कुल तीन बार वाचन किया गया था।
➧संविधान का प्रथम वाचन 4 नवम्बर 1948 (4 नवम्बर 1948 से 8 नवम्बर 1948 तक 4 दिन) को डाॅ. सर्वपल्ली राधा कृष्णन ने किया था इसीलिए Dr. Sarvepalli Radha Krishnan  को संविधान का प्रथम प्रवक्ता या प्रथम वाचनकर्ता भी कहते है।

565 रियासते-
➧भारतीय एकीकरण के समय कुल 565 रियासते थी लेकीन भारत के एकीकरण विलय पत्र पर केवल 562 रियासतों ने ही हस्ताक्षर किये थे तीन रियासतों ने हस्ताक्षर नहीं किये थे जैसे-
1. हैदराबाद रियासत
2. कश्मीर रियासत
3. जुनागढ़ रियासत (गुजरात)

मीर उस्मान अली-
➧Meer Usman Ali  भारतीय एकीकरण के समय Hyderabad रियासत का निजाम था।

ऑपरेशन पोलो-
➧Opretion Polo   के द्वारा हैदराबाद रियासत को भारतीय संघ में शामिल किया गया था।

जुनागढ़ रियासत-
➧Junagadh  रियासत ऐसी पहली रियासत थी जिसको जनमत संग्रह के आधार पर भारतीय संघ में शामिल किया गया था।

हैदराबाद रियासत-
➧Hyderabad रियासत एकमात्र ऐसी रियासत थी जिसने Sambidhan निर्माण की प्रक्रिया में भाग नहीं लिया था।


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